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बुधवार, जनवरी 19, 2022

एक कदम जिम्मेदार नागरिक बनने की ओर


हो सकता है यह लेख बहुतों को रास न आये और उन्हें लगे कि हर काम में मुझे नकारात्मकता ही नज़र आती है।खास उन लोगों को जो ऐसा करते हैं।जरूरी तो नहीं कि मैं पूर्णतः सही ही हूँ! तो इस लिए उन लोगों से निवेदन है कि कृपया तारीफों के पुल बांधने के बजाय अपनी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया दे और अपनी राय प्रकट करें जो वो सच में सोचते हैं और तभी ऐसा करते हैं ।चाहे वो आलोचनात्मक हो या और। 
चलो अब लेख पढ़ते हैं- 
मैं अक्सर देखती हूं कि लोग कुछ ही दूरी तय करने के लिए चार पहिया वाहन का सहारा लेते हैं वह भी अकेले जाने के लिए! जी करता है कि इन लोगों को रास्ते में ही रोक कर बोलूं कि मानती हूं आपके पास बहुत पैसा है इसलिए आपको पेट्रोल-डीजल को यूंही जलाते हुए एक बार भी नहीं सोचना पड़ता! जहां एक लीटर की जरूरत होती है वहां दो लीटर का उपयोग करते हुए एक बार भी नहीं हिचकिचाते ! इससे दूसरे लोगों को कितनी असुविधा होती है और परेशानियों का सामना करना पड़ता है कभी सोचा है? और तो और इससे देश का कितना नुकसान होता है कभी सोचा है? बेशक आपकी गाड़ी आपके पैसे पर चलती है ,पर इससे देश की आर्थिक स्थिति पर बहुत ही प्रभाव पड़ता है! जब आप कुछ ही किलोमीटर पर अकेले ही जाने के लिए बाइक की बजाय फोर व्हीलर का सहारा लेते हैं तो इससे ट्राफिक बढ़ती है!जहां दो से तीन बाइक निकल सकती है यानि तीन से छ: व्यक्ति आराम से निकल सकते हैं  वहां से मात्र एक गाड़ी निकलती है यानि कि मात्र एक व्यक्ति! इस कारण से ट्रॉफी बढ़ता है और इससे सभी के वक्त की बर्बादी होती है! और आपके वक्त की भी इसलिए दूसरों के लिए ना सही तो अपने लिए ही ऐसा करने से बचें! दूसरा नुकसान देश की आर्थिक स्थिति का होता है एक लीटर पेट्रोल-डीजल के बजाय दो लीटर(दुगने इंधन ) का इस्तेमाल होने पर पेट्रोल और डीजल की मांग बढ़ती है और जब इंधन की मांग बढ़ती है तो विदेशों से अधिक तेल का आयात करना पड़ता है ! इससे हमारे देश की मुद्रा यानी कि पैसे का इस्तेमाल विदेशी चीजों पर अधिक होता है|जिससे हमारी मुद्रा का बहुत नुकसान होता है हमें अपने पास विदेशी धन इकट्ठा करने के बजाय विदेशों में अपना धन खर्च करना पड़ता है ! जिसका सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है जिससे महंगाई बढ़ती है! और हमारी मुद्रा की कीमत घटती है! इसलिए अगर देश की थोड़ी भी चिंता है तो कृपया अपनी हरकतों से बाज आइए! और तीसरा नुकसान तो आपको पता ही होगा लेकिन फिर भी याद दिला देती हूं! जब एक लीटर तेल के बजाय दो लीटर तेल का इस्तेमाल करते हैं! तो दुगना ईंधन इस्तेमाल करने से कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन भी दुगना होता है ! जोकि अत्यंत घातक है भविष्य के लिए! अगर ऐसे ही आप लोग कुछ ही दूरी पर जाने के लिए ऐसे वाहन का सहारा लेंगे जिसमें दुगने इंधन का उपयोग होता हो तो 2070 तक नेट जीरो (कार्बन मुक्त) होने का तो पता नहीं पर 2030 तक विश्व के तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना जो जताई गई है उससे आगे निकल जाओगे! इसमें कोई शक नहीं! और तो और आप अपने बच्चे के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं इसलिए बच्चे को पढ़ाने लिखाने की क्या जरूरत? सुनहरे भविष्य के सपने दिखाने की क्या जरूरत?क्यों उनकी आंखों में सुनहरे सपने डाल रहे हो? जब भविष्य ही नहीं रहेगा तो सुनहरा क्या खाक बनेग! जब सांस लेने के लिए शुद्ध हवा ना होगी पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं होगा तो भविष्य सुनहरा कैसे होगा?क्या बिना शुद्ध हवा और पानी के भविष्य सुनहरा हो सकता है? अब आप कहोगे कि पानी को मशीन से शुद्ध कर लेंगे और हवा को भी ! बिल्कुल सही कहा आपने पर यह हम मनुष्य कर सकते हैं जानवर और पेड़ पौधे नहीं |क्या बिना पेड़ -पौधे और जानवर के मानव का जीवन संभव है?नहीं ना ये तो आप भी जानते होंगे! मानव जीवन के लिए जैव विविधता अनिवार्य है! इसलिए महाशय कृपया अपने पैसे की अकड़ कहीं और पर दिखाया कीजिए जिससे सब को फायदा हो अगर किसी को फायदा ना हो तो कमसेकम नुकसान तो ना ही हो! पर अफसोस मैं किसी की कार रोककर इतना सारा भाषण तो नहीं दे सकती और ना ही कोई इतनी देर तक मुझे चुपचाप सुनता रहेगा! या तो इतनी देर में मुझे अस्पताल पहुंचा देगा या फिर मुझे धक्का मार कर नौ दो ग्यारह हो जाएगा!😄 पर कोई बात नहीं! यहां तो दे सकती हूं ,और जरूरी थोड़ी है कि ऐसे लोग सिर्फ सड़क पर ही मिलते हैं| ऐसे लोग हमारे ब्लॉग जगत पर भी होंगे मुझे पूरा विश्वास है| इसलिए मैंने यहीं पर अपनी बात रख दिया| अगर समझना चाहते होंगे तो समझ जाएंगे नहीं तो क्या ही कर सकते हैं! कुत्ते की दुम सीधी ठोड़ी की जा सकती! वैसे ही इन लोगों को भी .....! 
जैसा कि पता है कि पिछले महीने हुई COP-26 की मीटिंग में प्रधानमंत्री जी ने 2070 तक नेटजीरो यानी कि कार्बन मुक्त होने का (जितना कार्बन उत्सर्जित करेंगे उतना ही अवशोषित करेंगे)वादा किया है| इस वादे को पूरा करने के लिए आमजन से लेकर खास व्यक्ति हर किसी को पूरा सहयोग देना होगा| तभी यह सम्भव हो पायेगा! इसलिए यहां उपस्थित सभी आदरणीय और प्रिय जन से हाथ जोड़कर कर सच्चे दिल से निवेदन है  कि कृपया ऐसा कुछ भी काम मत करिये अगर करते थे तो आगे से मत किया कीजिएगा! जिससे आमजन से लेकर देश और पर्यावरण को नुकसान हो! ये हमारे देश के लिए सच्ची देश भक्ति से कम नहीं होगी !🙏🙏🙏

शनिवार, अक्टूबर 23, 2021

एक लड़ाई उनके लिए जो हमारे लिए अपनी जान न्योछावर कर गए!

जब भी हमारे देश के रक्षक शहीद होते है ,तो आम जनता से लेकर राजनेता सब सभी श्रद्धांजलि अर्पित करके अपना दु:ख प्रकट करते हैं ,अगर इतना ही दु:ख होता है तो क्यों नहीं शहीदों के परिवार के लिए सुविधाओं सारी सुविधाए मुफ़्त कर देते ?क्यो नही उनके बच्चो की शिक्षा मुफ़्त कर देते? सरकारी और निजी हर स्कूल मे चाहे वो कितनी ही बड़ी क्यों न हो ! क्यों नहीं उनकी यात्रा को मुफ़्त कर देते? सरकरी वाहन से के साथ प्राइवेट वाहनो में भी! क्यों नही उनके लिए मुफ़्त इलाज़ की सुविधा सरकारी अस्पताल  के साथ प्राइवेट अस्पताल में भी कर देते? क्यो नही कोई ऐसा कार्ड शहीदों के परिवार के लिए बनाया जाता जिससे वे सरकारी और प्राईवेट हर जगह मुफ्त शिक्षा,इलाज और यात्रा प्राप्त कर सके?जो लोग सोशलमीडिया पर जाबांज सिपाहियों के शहीद होने पर दु:ख प्रकट करते हैं, वे लोग शहीदों के परिवार के लिए आवाज़ क्यों नही बुलंद करते? हमेशा श्रद्धांजलि और सहानुभूति तक ही सीमित क्यों रह जाते हैं? सिर्फ श्रद्धांजलि अर्पित करने और सहानुभूति प्रकट करने से उन लोगों का जीवन नहीं चलने वाला ! जो अपने घर के मुखिया को खो चुके हैं! इमोशनल सपोर्ट के साथ फाइनेंशियल सपोर्ट की भी जरूरत है! क्योंकि जिंदगी क्योंकि जिंदगी सिर्फ प्यार से नहीं चलती जिंदगी जीने के लिए भौतिक सुविधाओं  की सख्त जरूरत होती है! और सिर्फ मुआव़जे से काम नहीं चलेगा!कोई ऐसी योजना चलाने की जरूरत है, जिससे देश के लिए जान दे चुके शहीदों के परिवार की लाइफ सिक्योर हो सके। उनकी वे सभी जरूरतें पूरी हो सकें जिसकी उन्हें आवश्यकता है! पूरी जिंदगी के लिए ना सही पर कम से कम तब तक, जब तक  कि शहीद हुए जवानों के बच्चों की शादी नहीं हो जाती! और अपने पैर पर नहीं खड़े हो जाते ! हमारे लिए जब वे जान दे सकते हैं,तो क्या हमें और हमारी सरकार को उनके परिवार के लिए इतना भी नहीं करना चाहिए कि हमारा फर्ज नहीं बनता कि उनके परिवार की लाइफ को थोड़ा बेहतर और आसान बनाने का? हम उनके लिए कुछ ना सही पर आवाज तो उठा ही सकते हैं, जिस सोशल मीडिया पर हम शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनके प्रति भी संवेदना व्यक्त करते हैं,उसी सोशल मीडिया पर उनके लिए आवाज उठा सकते हैं और सोशल मीडिया को अपना सबसे बड़ा हथियार तो बना ही सकते हैं! 


शनिवार, अगस्त 14, 2021

सच्ची देश भक्ति मेरी नज़र में

भले ही हमारे समाज के लोग 
बालश्रम, बाल विवाह 
और कन्या भ्रूण हत्या करते हैं , 
पर देश से प्यार बहुत करते हैं!! 
   ◦•●◉✿✿◉●•◦
भले ही बिजली-पानी का 
दुरूपयोग करते हैं,
कूड़ा रास्ते में फेकते है, 
देश की सम्पत्ति को नुकसान पहुचाते ,
पर देश से प्यार बहुत करते है!! 
   ◦•●◉✿✿◉●•◦
भले ही हमारे सरकारी कर्मचारी, 
घूस लेकर
जो काम जमीन पर नही हुआ, 
उसे कागज पर कर देते हैं! 
भले ही गरीबों पर 
कुत्ते की तरह भौकते है,  
और अमीरों के सामने 
कुत्ते की तरह दुम हिलाते है! 
उन्हें चुपके-चुपके सारे कानून को 
टोड़ने की इजाजत दे रखते हैं! 
पर देश से प्यार बहुत करते हैं!! 
    ◦•●◉✿✿◉●•◦
भले ही हमारे राजनेता 
देश को लूटते रहते हैं, 
रेप और हत्या पर राजनीति करते हैं! 
और स्वतंत्रता दिवस पर
तिरंगे के नीचे ही सफेद झूठ बोलते है, 
पर देश से प्यार बेहिसाब करते हैं!! 
      ◦•●◉✿✿◉●•◦
भले ही हमारे युवा 
यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं!  
जातिवाद, धर्मवाद के नाम पर दंगे करते हैं
पर देश से प्यार बहुत करते हैं! 
    ◦•●◉✿✿◉●•◦
भले ही हमारे पत्रकार 
देश के जरूरी मुद्दों पर को नहीं उठाते हैं  
और टीआरपी के लिए हद से नीचे गिर जाते हैं
पर  देश से प्यार बहुत करते हैं!!
     ◦•●◉✿✿◉●•◦
वो क्या है कि 
हमारे यहाँ कुछ लोग 
देशवासियों से नहीं 
सिर्फ देश शब्द से प्यार करते  हैं! 
और ऐसी देशभक्ति को हम सलाम करते हैं!! 
        ◦•●◉✿✿◉●•◦
क्या कोई बता सकता है कि अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन किए बिना देश की जनता से प्यार किए बिना, हम देश से प्यार कर सकते हैं? हम एक सच्चे देशभक्त बन सकते हैं? क्या हम भारतीय कानून का पालन किए बिना सच्चे देश भक्त बन सकते हैं?मेरी नजर में तो सच्चा देशभक्त वह है जो अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी निर्वहन करता है! अर्थात एक जिम्मेदार नागरिक सच्चा देशभक्त होता है। सच कहूंं तो मैं भी अभी तक पूर्ण रूप से जिम्मेदार नागरिक नहीं बन पाई हूँ क्योंकि कभी-कभी निजी स्वार्थ के खातिर समाज और देश केे प्रति जिम्मेदारियों को न चाहते हुुए भी अनदेखा करना पड़ता हैै ! लेकिन फिर भी पूरी कोशिश कर रहीं हूँ एक जिम्मेदार नागरिक बनने की! आसान तो नहीं हैै नामुमकिन भी नहीं है! मेरे बारे में 👆यह जान कर हो सकता है कि कुछ लोगों के मन आ रहा हो कि पहले अपने गिरेबान में झाँक लेना चाहिए, फिर किसी पर उंगली उठानी चाहिए! तो साफ कर देना चाहती हूँ कि मैं किसी पर उंगली नहीं उठा रही बस इतना चाहतीं हूँ कि सब लोग देश भक्त बनने से पहले एक अच्छे नागरिक बने! 

नारी सशक्तिकरण के लिए पितृसत्तात्मक समाज का दोहरापन

एक तरफ तो पुरुष समाज महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान की बात करता है और वहीं दूसरी तरफ उनके रास्ते में खुद ही एक जगह काम करता है। जब समाज ...