रविवार, 18 जुलाई 2021

काले मेघ

कच्ची माटी के गाँव में , 
जब काले-काले मेघ आते हैं, 
कृषक  के मन में उम्मीदों का दिया जलाते है । 
जब रंग - बिरंगी फसलों पर, 
काली घटा छा जाती है। 
फिर रंग - बिरंगे दानों में, 
मोती सी चमक आ जाती है 
कच्ची माटी के गाँव में, 
जब काले- काले मेघ आते है। 
सूरज की आग से झुलस चुके 
चरागाहों को फिर से हरा भरा कर जाते है
गीली माटी का ठण्डा पन , 
हवा के झोंको में भर जाते हैं
कच्ची माटी के गाँव में जब 
निखरे - निखरे मौसम -आते हैं
गीली माटी की सोंधी खुशबू से 
घर आँगन महका जाते हैं! 
मीठी हरियाली की खुशबू, 
मंद हवाओ संग सुनहरी किरणों के साथ
हर दरवाजे़ पर दस्तक दे जाती है । 
सुबह ओस से गीले खेतों को, 
सुनहरी किरणें जब स्पर्श करती है , 
किसानो के लबों पे , 
मोती सी मुस्कान बिखेर जाती है । 
कच्ची माटी के गाँव में , 
काले मेघ अपने संग खुशियाँ लाते हैं! 

36 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर सृजन - - प्रकृति के विविध रंगों को सुंदरता से उकेरा है, शुभकामनाओं सह।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर इस स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिए🙏

      हटाएं
  2. काले मेघ सबको हर्षाते हैं
    गाँव में ही नहीं
    जब शहर में भी छा जाते हैं ।

    बहुत सूक्ष्म अवलोकन कर लिखी रचना । किसानों की खुशी का वर्णन और मिट्टी की सुगंध को महसूस करना । सुंदर सृजन

    जवाब देंहटाएं
  3. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (20-7-21) को "प्राकृतिक सुषमा"(चर्चा अंक- 4131) पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है,आपकी उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ायेगी।
    --
    कामिनी सिन्हा

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. आपका तहेदिल से धन्यवाद मेरी रचना को चर्चा मंच के काबिल समझने के लिए🙏🙏

      हटाएं
  4. कृषक मन को खुशबूदार करने वाली कविता

    जवाब देंहटाएं
  5. उत्तर
    1. आदरणीय सर, हमारे ब्लॉग पर आकर अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए आपको तहेदिल से धन्यवाद 🙏

      हटाएं
  6. बेहद खूबसूरत रचना,ऋतु की शोभा आपकी लेखनी से द्विगुणित हो गयी।

    सस्नेह।

    जवाब देंहटाएं
  7. किसान और बरखा का सुंदर तारतम्य दिखाती बेहतरीन रचना ,बहुत शुभकामनाएं प्रिय मनीषा।

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत सुंदर! बादलों का गाँव और कृषकों से प्यारा सा संबंध दर्शाता सुंदर सृजन।

    जवाब देंहटाएं
  9. बहुत ही सुंदर प्यारी-सी रचना सच कहा बादलों को देख मन हर्षता है।
    सादर

    जवाब देंहटाएं
  10. सोंधी सुगन्ध, हरसाये मन...
    सुन्दर रचना।

    जवाब देंहटाएं
  11. वाह, बहुत ही सुन्दर सृजन।🌻🌼♥️
    🌧️🌧️🌨️🌨️⛈️🌾🌱🌿🏞️।

    जवाब देंहटाएं
  12. मीठी हरियाली सी अभिव्यक्ति!!

    जवाब देंहटाएं

बुझी हुई उम्मीदों में खुद ही आशाओं के दिये जलाने पड़ते है!

कहने को सब पास होते है,  पर बुरे वक्त में , सब साथ छोड़ देते हैं!  सूख जाते है आंसू यूं ही आंखों में पर उसकी खबर लेने वाला कोई न...